बारिश शायरी,barshat shayari in hindi,rain shayari quotes

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                                                               बारिश शायरी
बारिश की बूंदों में कभी भीग लिया करो,
  काम को छोड़कर मस्ती में जी लिया करो.
  कपडे गीले होते है, तो होने दिया करो.
  ऐसे मौसम में एक-दूजे को प्यार किया करो.🌧🌧🌧 
बारिश शायरी


 


जितनी बारिश की बूंदे बरस रही है बस इतना ही प्यार है मुझे तुमसे🌧🌧🌧

 



 मौसम है लुभावना हो जाता,
  जब बारिश का आना हो पाता.
  मुस्कुराने लगता हर एक इंसान,
  जैसे बेजान में भी जाये प्राण🌧🌧🌧


छत टपकती है उसके कच्चे घर की वो किसान फिर भी बारिश की दुआ करता होगा  🌧🌧🌧



 बारिश की बूंदे लाती है बहार,
  दे जाती एक अनजाना-सा करार.
  जब पड़ती है चेहरे के ऊपर,
  गीला कर उसे और बना देती सुन्दर🌧🌧🌧    

 

रास्तो में सफ़र करने का मज़ा जाता है जब बारिश का सुहाना मौसम हो जाता है🌧🌧🌧
बारिश शायरी


                                                                                


  चाय-पकोड़े का गया समय,
    क्यूंकि बारिश दे रही है दस्तक।    चलो छोडो अपने सभी काम,
   और हो जाओ बारिश की ओर नतमस्तक🌧🌧🌧
 
 

ये बारिश की बूंदे नहीं ये तो मेरे आंसू है जो बह रहे है तुम्हारी याद में🌧🌧🌧



बादल जब गरजते हैं दिल की धड़कन बढ़ जाती है दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ तुम्हारी आती है बारिश के हर कतरे से आवाज़ तुम्हारी आती है मौसम है बारिश का और याद तुम्हारी आती है🌧🌧🌧




सुन बारिश,ज़रा थम के बरस जब वो जाये तो जम के बरस पहले बरस की वो ना सके फिर इतना बरस की वो जा ना सके🌧🌧🌧



आज फिर तेरी याद आई बारिश को देख कर,
 दिल पे ज़ोर रहा अपनी बेबसी को देख कर,
 रोये इस क़दर तेरी याद में,
 के बारिश भी थम गयी मेरी बारिश देख कर🌧🌧🌧
बारिश शायरी





आज बारिश में तुम्हारे संग नहाना है,
 सपना ये मेरा कितना सुहाना है,
 बारिश के कतरे जो तेरे होंठों पे गिरे,
 उन कतरों को अपने होंठों से उठाना है🌧🌧🌧




कुछ नशा तेरी बात का है,
 कुछ नशा धीमी बरसात का है,
 हमे तुम यूँही पागल मत समझो,
 यह दिल पर असर पहली मुलाकात का है🌧🌧🌧




बरसात आये तो ज़मीन गीली हो,
 धूप आये तो सरसों पीली हो,
  दोस्त तूने यह कैसे सोच लिया कि,
 तेरी याद आये और पलकें गीली हों🌧🌧🌧 


बरसती बारिशों से बस इतना ही कहना है के इस तरह का मौसम मेरे अंदर भी रहता है🌧🌧🌧 


यूँ बारिश की रिमझिम, महकती मिट्टी की खूशबू, चाय की चुस्की,
 और बेमतलब की यादें, शायद इस मौसमइश्क़ का रंग बेहद गेहरा है🌧🌧🌧   
बारिश शायरी


 सोचता हूं, उसकी यादों से ब्रेकअप कर लू ,
 फिर दिल में ख्याल आता है उसकी यादें तो वफादार है जो रोज आती हैं🌧🌧🌧



वर्षा की शुरुआत से, साँझ में बेजान से पड़े रास्तों के बीच,
 सहमी सी जान को देखा है मैंने शहर की शोंधी सी खुशबु में, एक भींगा सा ठहराव देखा है🌧🌧🌧 



आंखे बंद कर के चलता गया बारीश के बूंदों से भिगता गया आसमान देखा जब दलदल में फसकर तो अश्कों को बहता गया धीरे धीरे मरता गया🌧🌧🌧




वो रात को होतीबारिशसुबह तक होती रहे ऐसा मनाना,
 ताकि सुबह स्कूल ना जाना पडे। बचपन की वो यादें हर लम्हे में रह जाती हैं🌧🌧🌧 




ये बारिश जरा थम के बरस,
 जब मेरा सनम जाए तो जम के बरस,
 पहले ना बरस कि वो सके,
 जब वो जाए तो इतना बरस कि वो जा सके🌧🌧🌧



एक तो ये रात, उफ़ ये बरसात,
 इक तो साथ नही तेरा, उफ़ ये दर्द बेहिसाब कितनी अजीब सी हैं बात, मेरे ही बस में नही मेरे हालात🌧🌧🌧




हमारे शहर जाओ सदा बरसात रहती हैं,
 कभी बादल बरसते हैं, कभी आँखे बरसती हैं🌧🌧🌧  



जब आता है ये बरसात का मौसम तेरी याद होती है साथ हम दम इस मौसम में नहीं करेंगे याद तुझे ये सोचा है हमने पर फिर सोचा कैसे बारिश को रोक पायेंगे हम🌧🌧🌧


मत पूछो कितनी मोहब्बत है मुझे उनसे बारिश की बूँद भी अगर उन्हें छू जाती है तो दिल में आग लग जाती है🌧🌧🌧



पूछते हो ना मुझसे तुम हमेशा की मे कितना प्यार करता हु तुम्हे तो गिन लो बरसती हुई इन बूँदो को तुम🌧🌧🌧


पहले बारिश होती थी तो याद आते थे !
 अब जब याद आते हो तो बारिश होती है 🌧🌧🌧




जब भी कड़कती हैं बिजली मेरा रोम रोम याद करता हैं तुझे
 कैसे लिपट जाती थी तू मुझसे जब बादल फटता था जोरो से🌧🌧🌧



 गरमा गरम भजिया बनवाते पापा गरम- गरम चाय पी जाते पापा बरसात का होता अलग नज़ारा चारों तरफ हरियाली का उजाला🌧🌧🌧





पहले छप-छप से आती थी बारिश बिना छाते के निहलाती थी बारिश अब ऑफिस की खिड़की से झाकती हैं हँस कर मुझ पे, जोरो से चिढाती हैं बारिश🌧🌧🌧




जाने क्यूँ लोग हमें आज़माते है ,कुछ पल साथ रह कर भी दूर चले जाते है, सच्च ही कहा है कहने वाले ने,सागर के मिलने के बाद लोग बारिश को भूल जाते है 🌧🌧🌧 



मुझ पर नसीब की बारिशें कुछ इस तरह से होतीं रहीं ख्वाहिशें सूखती रहीं और पलकें भीगती रही🌧🌧🌧

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